आंगनवाड़ी क्या होता है। कब हुई सुरुवात ?

नमस्कार पाठकों

आज के लिए हम आंगनवाड़ी केंद्र के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करेंगे।

मित्रों जैसा कि हम जानते हैं कि हमारे देश में एक बहुत बड़ी जनसंख्या का प्रतिशत गरीबी में रहता है और उनका भी एक बहुत बड़ा प्रतिशत गरीबी रेखा के भी नीचे है।

इसीलिए भारत सरकार द्वारा 1975 में एक कार्यक्रम शुरू किया गया जिसका उद्देश्य महिला एवं बाल विकास सेवा था इस सेवा सत्यापित और लागू करने के लिए एक सरकारी केंद्र बनाया गया जिसको आंगनवाड़ी केंद्र कहा गया था।

आज के लेख में आप जानेंगे कि आंगनवाड़ी क्या होती है किस प्रकार महिलाओं और बच्चों की देखभाल करती है आधुनिक भारत में इसकी उपयोगिता क्या है आंगनबाड़ी से संबंधित विभिन्न आयामों पर एक नजर डालेंगे।

आंगनवाड़ी क्या होता है।

आंगनवाड़ी क्या होती है?

मित्रों, आंगनवाड़ी केंद्र की परिभाषा उसके शब्दावली में छुपी हुई है आंगनवाड़ी का अगर अर्थ समझा जाए तो इसका अर्थ होता है ’आंगन आश्रय’।

अर्थात ऐसी जगह जहां पर आश्रय मिलता है।

भारत की आजादी से लेकर के 1975 तक भारत ने बहुत बुरे दिन देखे हैं, और इन दिनों में हमने हमारी माताओं बहनों को और बच्चों को कुपोषित होते और भूख की वजह से दम तोड़ते हुए देखा है।

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हां! इस कार्यक्रम को आते-आते बहुत समय लग गया लेकिन अंततः आंगनवाड़ी की सेवा शुरू की गई। संपूर्ण भारत में जितने भी गांव हैं वहां के निवासियों में भी जो महिलाएं और बच्चे हैं, जो कुपोषित हैं, जो जीने के लिए एक सामान्य आहार नहीं ले पा रहे है उन्हें सामान्य आहार दिलवाने का काम भारत सरकार करती है।

इसीलिए आंगनवाड़ी केंद्र में महिलाओं, गर्भवतीयों, कुपोषित बच्चों, विद्यालय से पूर्व शिक्षा इत्यादि परिस्थितियों में सेवाओं का इंतजाम होता है। आंकड़ों की तरफ देखा जाए तो 31 जनवरी 2013 तक भारत में तेरह लाख आंगनवाड़ी और मिनी आंगनवाड़ी केंद्र खोले गए।

आंगनवाड़ी केंद्र में स्वास्थ्य सहित बहुत सारी सेवाओं का भी प्रबंधन होता है जैसे कि शिक्षा पोषण प्रतिरक्षण स्वास्थ्य जांच इत्यादि।

भारत में आंगनवाड़ी केंद्र की स्थिति कैसी है?

भारत में आंगनवाड़ी केंद्र  की स्थिति के बारे में समय-समय पर चर्चा होती रहती है। पिछले कुछ वर्षों से बात करी जाए तो आंगनवाड़ी केंद्र की संख्या बढ़ाई गई है और आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या बढ़ाने के बाद  वहां की कार्यकर्ताओं की संख्या में भारी-भरकम बढ़ोतरी हुई है।

लेकिन  भारत में आंगनवाड़ी  केंद्रों की स्थिति बहुत दयनीय है क्योंकि  जो कार्यकर्ता आंगनबाड़ी में कार्य करता है वह सरकार की नजर में वह मात्र कुछ घंटे कार्य करता है लेकिन यदि  जमीनी हकीकत को देखा जाए तो वह 10 घंटे से भी ज्यादा कार्यकर्ता है।

जिसके सरकार उसे 1500 प्रतिमाह देती है और पैसे देने का समय भी निश्चित नहीं है। इसीलिए हम यह कह सकते हैं कि आंगनबाड़ी केंद्रों और उनमें कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं की स्थिति मानसिक और आर्थिक रूप से बहुत दयनीय है।

लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार ने गत वर्षों में आंगनवाड़ी केंद्रों के कार्यकर्ताओं को मिलने वाले वेतन में बढ़ोतरी करी है।

·    जिन कार्यकर्ताओं को पहले ₹3000 मिलते थे अब उन कार्यकर्ताओं को ₹4500 मिलेंगे।

·    जिन कार्यकर्ताओं को ₹2550 मिलते थे अब उन कार्यकर्ताओं कार्यकर्ताओं को ₹3500 मिलेंगे।

·    जिन कार्यकर्ताओं को मात्र ₹1500 मिलते थे अब उनको ₹ 2250 रुपए मिलेंगे।

आंगनवाड़ी केंद्रों में नियुक्ति कैसे होती है?

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की नियुक्ति राज्य सरकारों के द्वारा करी जाती है। और राज्य सरकार में भी महिला बाल विकास विभाग द्वारा यह नियुक्तियां करी जाती है। यह नियुक्तियां आमतौर पर ऑनलाइन फॉर्म के जरिए करी जाते हैं। और इन्हें इंटरनेट के माध्यम से भरा जाता है इन्हें भरने के लिए महिलाओं को भुगतान नहीं करना पड़ता है।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के कार्य

·    आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बहुत सारे कार्य होते हैं और उन कार्यों में गर्भवती महिलाओं की बच्चों के जन्म से पूर्व तथा प्रसव के बाद में देखभाल सुनिश्चित करना होती है।

·    नवजात शिशु के लिए तुरंत देखभाल का प्रबंध किया जाता है।

·    प्रसव पूर्व महिला का ख्याल रखने के लिए हर प्रकार से प्रबंध किया जाता है और जितने भी 6 वर्ष से कम उम्र के बच्चे है उन सब का टीकाकरण किया जाता है।

·    इसके अलावा 6 वर्ष तक के कुपोषित बच्चों का पूरा बच्चों का भरण पोषण किया जाता है।

·    जो कुपोषित बच्चे होते हैं उन्हें सुपोषित बनाया जाता है।

·    अंगणवाडी केंद्र में ही 3 से 5 साल के बच्चों की पूर्व स्कूली शिक्षा का प्रबंध भी किया जाता है।

आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण

लगभग हर 50 आंगनवाड़ी केंद्रों के निरीक्षण का कार्य या पर्यवेक्षण का कार्य एक मुख्य सेविका को दी जाती है वह सेविका आंगनवाड़ी केंद्रों के कार्यकर्ताओं के जिम्मेदारियों का निरीक्षण करती है उनके कर्तव्यों तथा आर्थिक स्थिति के कार्यक्रम से लाभान्वित होने का रिकॉर्ड रखती हैं और यह सारी जानकारी वह वहां के जिला अधिकारी को और बाल विकास परियोजना के अधिकारी को प्रदान करती है।

आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए मुश्किलें

·    आने वाले समय में आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए मुसीबतें बढ़ने वाली है क्योंकि आने वाले समय में जनसंख्या का स्तर तेजी से बढ़ेगा और इसकी वजह से गरीबों की जनसंख्या भी बढ़ेगी।

·    लेकिन संसाधन उतने ही रहेंगे लेकिन संसाधनों को बढ़ाने का कार्य अपनी गति से चल रहा है। यह अनुमान भी लगाया जा रहा है की जिस गति से जनसँख्या का भार देश में बढ़ रहा है जल्द ही यहाँ संसाधनों की भयंकर कमी देखी जा सकती है।

·    आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के वेतनमान, कार्य कार्य की तुलना में बहुत कम होता है और उन्हें वेतनमान बहुत ही कम दिया जाता है। इसलिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता केंद्र के कार्यकर्ता बनने के लिए हर कोई राजी नहीं होता है।

·    इसके साथ ही महिलाओं के खिलाफ अत्याचार, कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और कार्यकर्ताओं का अपने कर्तव्यों का सही ढंग से पालन ना करना भी आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। इनसे आंगनवाड़ी केंद्र की आने वाले दिनों में मुश्किलें बढ़ सकती है। 

Conclusion

तो आज के लेख में हमने यह जाना कि आंगनवाड़ी क्या होता है किस प्रकार आंगनवाड़ी केंद्र कार्य करता है। इसकी कार्यकर्ताओं के क्या कार्य होते हैं। तथा इससे संबंधित हमने काफी जानकारी प्राप्त करी।

अगर आपका इस लेख से सम्बंधित कोई सवाल हो या अपना कोई सुझाव देना चाहते है तो हमे कमेंट करके जरूर बताये हमे आपका जवाब देने में ख़ुशी होगी

यदि आपको हमारी हुई जानकारी अच्छी लगी तो इस लेख को जितना हो सके शेयर करें।

धन्यवाद

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FAQS

प्रश्न:- आंगनबाड़ी योजना क्या है?

उत्तर:- भारत सरकार द्वारा 1975 में एक कार्यक्रम शुरू किया गया जिसका उद्देश्य महिला एवं बाल विकास सेवा था इस सेवा सत्यापित और लागू करने के लिए एक सरकारी केंद्र बनाया गया जिसको आंगनवाड़ी केंद्र कहा गया था।

प्रश्न:- आंगनबाड़ी में बच्चों को क्या क्या मिलता है?

उत्तर:- यहाँ सभी बच्चो को गेहू, चावल ,दाल और बहुत से पोषक आहार मिलता हैं।

प्रश्न:- आंगनबाड़ी में सिलेक्शन कैसे होता है?

उत्तर:- यदि आप दशवी पास हैं और नर्सरी टीचर या बाल सेविका के रूप मे काम किया हो तो आपका सिलेक्शन हो सकता हैं।

प्रश्न:- आंगनवाड़ी के लिए कितनी उम्र चाहिए?

उत्तर:- आंगनवाड़ी की भर्ती के लिए लगभग उम्मीदवार की आयु 18 से 40 वर्ष होनी चाहिए

2 thoughts on “आंगनवाड़ी क्या होता है। कब हुई सुरुवात ?”

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