ग्रामीण डॉक्टर कैसे बने 2021 सम्पूर्ण जानकारी । Gramin doctor kaise bane

बचपन से ही हम एक सपना देखते कि हम बड़े होकर अपने जीवन में एडवोकेट, इंजीनियर या फिर डॉक्टर बनेंगे ओर पूरी मेहनत और लगन के साथ अपने लक्ष्य की प्राप्ति करेंगे। आपमें से बहुत से लोग ऐसे है जो ग्रामीण डॉक्टर बनकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की सेवा करना चाहते हैं। सरकार द्वारा इस कोर्स को मंजूरी देने का उद्देश्य पूरे देश में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य की स्थिति को और भी बेहतर करने का है।  डॉक्टरों के भारी प्रदर्शन के बावजूद सरकार द्वारा ग्रामीण डॉक्टर कोर्स को वर्ष 2013-2014 के एकेडमिक सेशन से शुरू कर दिया गया है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी इस कोर्स को करने की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों में वर्ष 2014 में ग्रामीण मेडिकल कोर्स शुरू कर ने कि अनुमति दे दी थी। इस लेख में हमने बताये है की ग्रामीण डॉक्टर कैसे बने।

ग्रामीण डॉक्टर कैसे बने

ग्रामीण इलाकों में की जाएगी मेडिकल कोर्स की व्यवस्था

जो राज्य इस कोर्स शुरू करना चाहते हैं उन राज्यों में मेडिकल कोर्स की व्यवस्था की जाएगी। 3 साल 6 महीने के इस कोर्स का नाम बैचलर ऑफ साइंस रखा गया है और इस कोर्स को करने वाले छात्र अपने नाम के आगे डॉक्टर नहीं लिखेंगे। 12वीं कक्षा के बायोलॉजी पढ़ने वाले छात्रों इस कोर्स को कर सकते हैं। सरकार द्वारा इस कोर्स को करने की उम्र सीमा तय की जाएगी। छात्रों को आरक्षण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए छात्रों को पहले एक लिखित परीक्षा से गुजरना होगा। ज़िला चिकित्सालय को मेडिकल कॉलेजों की तरह उपयोग किया जाएगा जिसके बाद छात्रों को कोर्स पूरा करने के बाद 6 महीने की इंटर्नशिप भी करनी होगी। पूरी करने के बाद छात्रों को ग्रामीण क्षेत्रों में प्राइमरी हेल्थ सेंटर या सब टेंशन में तैनात किया जाएगा।  ग्रामीण मेडिकल कोर्स का सिलेबस एमसीआई द्वारा तैयार किया गया है।

इसे भी पढ़े:-

Accountant में करियर कैसे बनाये

निशानेबाजी में करियर कैसे बनाये

Animator kaise bane

स्वस्थ ग्रामीण क्षेत्रों का विकास

जैसे कि आप सभी लोग जानते हैं कि आज के समय में भी ग्रामीण क्षेत्रों के लोग स्वस्थ जीवन जीने  पर मजबूर हैं क्योंकि वहां पर स्वास्थ्य सेवाएं अभी भी कमजोर हैं। आज भी गांवों में हजारों की संख्या में लोग कुपोषण, कालाजार, मलेरिया, पीलिया आदि बीमारियों से ग्रसित होते हैं और अपनी जिंदगी खो देते हैं। स्वास्थ्य सेवाओं में बिना सुधार किए हम ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विकास नहीं कर सकते हैं। बारहवीं कक्षा सफलतापूर्वक पास करने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए प्रशिक्षण देकर बीमारियों का इलाज करने के लिए तैयार किया जाएगा जिसके बाद गांव के लोग भी स्वस्थ जीवन जी पाएंगे। केंद्र सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष लगभग 5 हज़ार विद्यार्थियों को डॉक्टर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

ग्रामीण मेडिकल में आने वाले कोर्सेज

1- ऑपरेशन थियेटर टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा

2- डी एम एल टी

3- बीएस सी नर्सिंग होम

4- एमएससी नर्सिंग होम

5- बी एम एल टी

6- पीजीडीजीएम

7- पीजीडीएमसीएच

8- क्रिटिकल केयर में डिप्लोमा

9– नेत्र विज्ञान में डिप्लोमा

10– हड्डी रोग में डिप्लोमा

ग्रामीण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल  जीएमसीएच पाठ्यक्रम

1- ऑपरेशन थिएटर टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा सिलेबस

विषय

  • बुनियादी विज्ञान
  • ओटी कक्ष संबंधित
  • मैटर्स
  • सामान्य
  • सामान्य शल्य प्रक्रिया और सीपीआर
  • उपकरण का रखरखाव
  • बंध्याकरण IV तरल पदार्थ और आधान
  • विशेष सर्जरी

2-  डीएमएलटी सिलेबस

विषय

  • प्रयोगशाला उपकरण और बुनियादी रसायन विज्ञान की मूल बातें
  • मूल रुधिरविज्ञान
  • ब्लड बैंकिंग और इम्यून हेमेटोलॉजी
  • क्लिनिकल पैथोलॉजी (बॉडी फ्लूइड्स) और पैरासिटोलॉजी
  • नैदानिक ​​जैव रसायन
  • माइक्रो बायोलॉजी
  • इम्मुनोलोगि
  • हिस्टोपैथोलॉजी और साइटोलॉजी

3- बीएससी नर्सिंग होम सिलेबस

विषय

  • अंग्रेज़ी
  • शरीर रचना
  • शरीर क्रिया विज्ञान
  • पोषण
  • जीव रसायन
  • नर्सिंग फाउंडेशन
  • मनोविज्ञान
  • कीटाणु-विज्ञान
  • कंप्यूटर का परिचय
  • हिंदी/क्षेत्रीय भाषा
  • पुस्तकालय कार्य/स्व-अध्ययन
  • सह पाठ्यक्रम गतिविधियां
  • समाज शास्त्र
  • औषध
  • पैथोलॉजी और जेनेटिक्स
  • मेडिकल-सर्जिकल नर्सिंग (जराचिकित्सा सहित वयस्क) -I
  • सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग I
  • संचार और शैक्षिक प्रौद्योगिकी
  • मेडिकल-सर्जिकल नर्सिंग (जराचिकित्सा सहित वयस्क) II
  • बाल स्वास्थ्य नर्सिंग
  • मानसिक स्वास्थ्य नर्सिंग
  • मिडवाइफरी और प्रसूति नर्सिंग
  • सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग-II
  • नर्सिंग अनुसंधान और सांख्यिकी
  • नर्सिंग सेवाओं और शिक्षा का प्रबंधन
  • सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग II
  • मेडिकल-सर्जिकल नर्सिंग (वयस्क और जराचिकित्सा)
  • बाल स्वास्थ्य
  • मानसिक स्वास्थ्य
  • अनुसंधान परियोजना

4- एमएससी नर्सिंग होम सिलेबस

विषय

  • नर्सिंग
  • उन्नत नर्सिंग और संबद्ध विषय
  • नर्सिंग शिक्षा
  • अनुसंधान और सांख्यिकी
  • क्लिनिकल नर्सिंग I
  • नर्सिंग प्रबंधन
  • क्लिनिकल नर्सिंग II
  • प्रैक्टिकल (क्लिनिकल नर्सिंग, थीसिस चिरायु

5- बीएमएलटी सिलेबस

विषय

  • मानव शरीर रचना विज्ञान
  • शरीर क्रिया विज्ञान
  • जैव रसायन I
  • पैथोलॉजी I
  • माइक्रोबायोलॉजी
  • अंग्रेज़ी
  • कन्नड़
  • स्वास्थ्य सेवा
  • जैव रसायन
  • माइक्रोबायोलॉजी
  • पैथोलॉजी
  • समाज शास्त्र
  • भारत का संविधान
  • पर्यावरण विज्ञान और स्वास्थ्य
  • जैव रसायन
  • माइक्रोबायोलॉजी
  • पैथोलॉजी
  • नैतिकता, डेटाबेस प्रबंधन
  • अनुसंधान और जैव सांख्यिकी
  • कंप्यूटर अनुप्रयोग

6- पीजीडीजीएम सिलेबस

विषय

  • बुनियादी जराचिकित्सा
  • नैदानिक ​​जराचिकित्सा
  • बुनियादी जराचिकित्सा
  • नैदानिक ​​जराचिकित्सा

7- पीजीडीएमसीएच सिलेबस

विषय

  • निवारक एमसीएच
  • प्रजनन स्वास्थ्य
  • बाल स्वास्थ्य
  • निवारक एमसीएच प्रैक्टिकल
  • प्रजनन स्वास्थ्य व्यावहारिक
  • बाल स्वास्थ्य व्यावहारिक

8- क्रिटिकल केयर में डिप्लोमा

विषय

  • सामान्य शरीर रचना विज्ञान और फिजियोलॉजी
  • एप्लाइड एनाटॉमी और फिजियोलॉजी
  • औषध विज्ञान
  • माइक्रोबायोलॉजी और सीएसएसडी
  • क्रिटिकल केयर सर्विसेज की मूल बातें
  • आईसीयू प्रबंधन
  • विभिन्न प्रक्रिया और उपकरण
  • क्रिटिकल केयर टेक्नोलॉजी

9- नेत्र विज्ञान में डिप्लोमा

विषय

  • ऑप्थल्मोलॉजी में एप्लाइड बेसिक साइंसेज
  • एनाटॉमी और फिजियोलॉजी ए) आंख और ओकुलर एडनेक्सा की एनाटॉमी बी) आंख और एडनेक्सा की भ्रूणविज्ञान सी) दृश्य मार्ग डी) मोटर तंत्र की एनाटॉमी और फिजियोलॉजी ई) दृष्टि की फिजियोलॉजी, रंग दृष्टि, आवास एफ) दूरबीन दृष्टि और इसका विकास
  • पैथोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी ए) ओकुलर और एडनेक्सल घावों की पैथोलॉजी (सूजन, नियोप्लास्टिक, लेंस विनिर्देश आदि) बी) आंख को प्रभावित करने वाले सामान्य जीव की माइक्रोबायोलॉजी – बैक्टीरिया स्टैफ। स्ट्रेप्टो – न्यूमोकोकी, गोनोकोकी डिप्थीरिया, मोरेक्स एक्सनफील्ड बी
  • बायोकैमिस्ट्री ए) विटामिन ए और इसका चयापचय बी) ग्लूकोज चयापचय सी) जलीय संरचना डी) मोतियाबिंद (सीनाइल और मधुमेह) के जैव रासायनिक पहलू ई) थायराइड समारोह परीक्षण एफ) आंसू फिल्म और इसकी संरचना।
  • औषध विज्ञान नेत्र विज्ञान में प्रयुक्त दवाओं का औषध विज्ञान – क) स्वायत्त दवाएं – सिम्पैथोमिमेटिक, सिम्पैथोलिटिक्स, कोलीनर्जिक, एंटीकोलिनर्जिक एजेंट आदि।
  • प्रकाशिकी
  • अपवर्तन सहित नैदानिक ​​नेत्र विज्ञान
  • खोजी चिकित्सीय प्रक्रिया, राष्ट्रीय कार्यक्रम सहित

10- हड्डी रोग में डिप्लोमा

विषय

  • शरीर रचना
  • जैवयांत्रिकी
  • यांत्रिकी
  • गणित
  • सामान्य स्वास्थ्य शिक्षा
  • सामान्य यांत्रिक कौशल
  • विकृति विज्ञान
  • यांत्रिक संचालन
  • कार्यात्मक शरीर रचना
  • क्लिनिक
  • कार्यशाला प्रबंधन
  • क्लिनिकल अभ्यास

ग्रामीण मेडिकल कोर्स के लिए आवश्यक दस्तवेज

  • 10  या 12 वी की मार्कशीट और पास सर्टिफिकेट।
  • जन्म तिथि का प्रमाण।
  • विद्यालय छोड़ने का प्रमाणपत्र
  • स्थानांतरण प्रमाणपत्र
  • अधिवास प्रमाण पत्र / आवासीय प्रमाण या प्रमाण पत्र
  • अस्थायी प्रमाण – पत्र
  • चरित्र प्रमाण पत्र
  • अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य पिछड़ी जाति प्रमाण पत्र
  • विकलांगता का प्रमाण
  • प्रवासन प्रमाणपत्र

निष्कर्ष

तो आज के लेख में हमने जाना की ग्रामीण डॉक्टर कैसे बने तथा इसके लिए किन किन चुनौतियों का सामना एक डॉक्टर को करना पड़ सकता है। अगर आप इस लेख से सम्बंधित कुछ और जानना चाहते है या हमे कोई सुझाव देना चाहते है तो हमे कमेंट करके जरूर बताये हमे आपके कमेंट का जवाब देने मे ख़ुशी होगी।

अगर आपको हमारा लेख पसंद आया तो आप इसे अपने मित्रों तक जरूर शेयर करे।

इसे भी पढ़े:-

Software Engineer Kaise bane

गेमिंग में कैरियर कैसे बनाएं

बॉलीवुड में करियर कैसे बनाएं