राज्यसभा के मेंबर कैसे बने 2021 पूर्ण जानकारी – How to become a member of Rajya Sabha 2021 full information

नमस्कार पाठकों,

आज का हमारा यह लेख भारतीय लोकतंत्र के एक स्तम्भ के एक भाग के लिए समर्पित होगा। आज के लेख में हम मिलकर यह जानेंगे की राज्यसभा भारत के लिए क्यों जरूरी है, अगर राज्यसभा न हो तो भारतीय लोकतंत्र को क्या नुकसान हो सकता है, राज्यसभा के मेंबर कैसे बने, राज्यसभा के मेंबर कौन बन सकते है, तथा भारतीय संविधान में राज्यसभा के बारे में क्या लिखा है, वह जानकारी आज आपको इस लेख के जरिये मिलेगी।

तो चलिए शुरू करते है-

राज्यसभा के मेंबर कैसे बने

राज्यसभा क्या हैं

“राज्यसभा भारतीय संसद का दूसरा घर है”, यह वाक्य स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी द्वारा राज्यसभा में कही गयी थी। उनके इसी वाक्य से हम पता लगा सकते है की राज्यसभा कितनी महत्वपूर्ण है।

सरल भाषा में समझे तो राज्यसभा, लोकसभा द्वारा पास किये गए बिल (कानून का प्रस्ताव) पर दोबारा चर्चा करने के लिए स्थापित करी गयी है।

लोकसभा की तरह, राज्यसभा कभी भी विघटित/भंग नहीं होती, लेकिन हर दो वर्ष बाद इसके लगभग एक तिहाई सदस्य रिटायर हो जाते है, और भी आसन भाषा में समझे तो राज्यसभा का कार्यकाल नहीं होता लेकिन राज्यसभा के सदस्यों का जरूर 2 वर्षों का कार्यकाल होता है।

एक बार एक वरिष्ठ मंत्री से पुछा गया की भारतीय लोकतंत्र में लोकसभा के जरिये कानून बनते है लेकिन राज्यसभा का क्या काम है?

तो उन्होंने एक बड़े ही अच्छे उदहारण से समझाया की “एक कप में भी चाय पी जा सकती है लेकिन फिर भी कप के साथ प्लेट भी दी जाती है ताकि चाय से मुह न जले, उसी प्रकार बहुत बार लोकसभा में जो केंद्रीय सरकार होती है, वह भी कई बार जोश-जोश में कई ऐसे कानून पास करवा लेती है जिनसे आने वाले समय में देश का काफी नुकसान हो सकता है, तो राज्यसभा में उसपर चर्चा करी जाती है जहा ऐसे लोग बैठते है जो जमीनी जुड़ाव अच्छे से जानते है, वे लोग भी इसपर चर्चा करते है और अगर बिल में कुछ कमी हो तो इसपर सुझाव भी देते है”

भारतीय संविधान में राज्यसभा के बारे में उल्लेख

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 79, 80, 83(1), 84 में राज्यसभा के बारे में उल्लेख है। आइये इनके बारे में संक्षिप्त में जानते है-

भारत गणराज्य के संविधान के भाग 5 तथा अध्याय 2 में,

अनुच्छेद 79-

अनुच्छेद 79 में बताया गया है कि भारतीय संसद तीन भागों से मिलकर बनी होगी-

1.       लोकसभा

2.       राज्यसभा

3.       राष्ट्रपति

अनुच्छेद 80 –

अनुच्छेद 80 में राज्यसभा के संरचना के बारे में विस्तार से बताया गया है।

अनुच्छेद 83(1) –

अनुच्छेद 83(1) में लोकसभा और राज्यसभा के कार्यकाल के बारे में बताया गया है।

अनुच्छेद 84 –

अनुच्छेद 84 में संसद की सदस्यता की योग्यताओं के बारे में बताया गया है।

राज्यसभा के मेंबर कैसे बने

राज्यसभा भारतीय संसद का दूसरा घर है जिसमे पूरे 250 लोगों के बैठने की व्यवस्था होती है, जिसमे 238 चुन कर(राज्य विधानसभाओं से) आते है, और 12 सदस्य महामहिम राष्ट्रपति जी द्वारा नामित होते है।

राज्यसभा के सांसदों का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व(जिस राज्य के लोगों की जितनी संख्या, उसके अनुपात में उतने ही ज्यादा वोट उनके प्रतिनिधि को) के एकल संक्रमणीय मत के अनुसार होता है।

यदि आप राज्यसभा के लिए चुने जाना चाहते है तो आपके पास निम्न योग्यताओं का होना अनिवार्य है-

  • वह भारत का नागरिक होना चाहिए।
  • उसकी आयु कम से कम 30 वर्ष की होनी चाहिए।
  • जिस राज्य के प्रतिनिधित्व के लिए वजह चुनाव लड़ रहा है वह उस राज्य जा एक वोटर भी होना चाहिए।
  • उसके पास वह सारी खूबियां होनी चाहिए जो संसद के जरिये समय समय पर निर्धारित करी जाये।
  • राज्यसभा में सदस्यों की भर्ती चुनावों से होती है, लोकसभा से बहुत अलग और बहुत जटिल, राज्यसभा का चुनाव होता है।
  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 80 के अंतर्गत, संविधान ने राज्यसभा के लिए 250 लोगों की सदस्यता निर्धारित करी है। जैसा की पहले बताया गया की 12 सदस्यों को राष्ट्रपति मनोनीत करते है उन 12 सदस्यों को राष्ट्रपति जी, कला, विज्ञान, समाज सेवा और साहित्यिक ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव के आधार पर चुनते है।
  • बाकी बचे 238 सदस्यों को राज्यों की विधानसभाओं से चुना जाता है, हर राज्य के लिए चुने जाने वाले राज्यसभा सदस्यों की संख्या पहले से निर्धारित है।

राज्यसभा की सीटों का बंटवारा

त्रिपुरा, सिक्किम, पांडिचेरी, नागालैंड, मिजोरम, मेघालय, मणिपुर, गोवा, अरुणाचलप्रदेश में 1-1 सीट, असम में 7, छत्तीसगढ़ और हरियाणा में 5-5, पश्चिम बंगाल में 16, उत्तराखंड में 3, पंजाब में 7, उड़ीसा में 10, दिल्ली में 3, केरल में 9, कर्नाटक में 12, झारखण्ड में 6, जम्मूकश्मीर से 4, हिमाचलप्रदेश से 3, आँध्रप्रदेश, तमिलनाडु से 18-18, बिहार से 16, मध्यप्रदेश से 11, महाराष्ट्र से 19, rajasthan से 10, और उत्तरप्रदेश से 31 सीट राज्यसभा के लिए भेजी जाती है।

(यह सब संविधान की 4थी अनुसूची में विदित है)

हर वर्ष राज्यसभा के 1/3 लोग रिटायर हो जाते है जिसके वजह से हर वर्ष राज्यसभा का चुनाव होता है और यह इस लिए ताकि राज्यसभा में हर बार नयी सोच और नयी समझ के वे लोग आ सके जो अपनी समझ से देश का भला कर सके।

राज्यसभा का चुनाव, भारतीय चुनाव आयोग करवाती है। यदि आप राज्यसभा का चुनाव, आनुपातिक प्रतिनिधित्व से जीत पाते है तो आप राज्यसभा के सदस्य बन पाएंगे।

राज्यसभा के क्या काम होते हैं

राज्यसभा, लोकसभा के तरह ही कानून बनाने का काम करती है लेकिन इनके कामों को हम कुछ हिस्सों में वर्गीकृत कर सकते है जैसे कि-

  • विधायी शक्तियों के अंतर्गत किये जाने वाले काम
  • संविधान संशोधन के अंतर्गत किये जाने वाले काम
  • वित्तीय शक्तियों के अंतर्गत किये जाने वाले काम
  • विशेषाधिकार के अंतर्गत किये जाने वाले काम

और कुछ अन्य कार्य

व्याख्या

  • फाइनेंस से सम्बंधित कानूनों को छोड़कर, बाकि सारे मुद्दों पर राज्यसभा के कार्य लोकसभा जैसे है।
  • अनुच्छेद 108 के अंतर्गत संयुक्त बैठक का भी प्रावधान है जहा किसी साधारण बिल पर यदि राज्यसभा और लोकसभा में मतभेद उत्पन्न हो जाये तो राष्ट्रपति संयुक्त बैठक बुलाते है।
  • संविधान संशोधन में भी राज्यसभा को लोकसभा जैसे अधिकार प्राप्त है, संविधान संशोधन के लिए दोनों लोकसभा और राज्यसभा को अलग अलग अपने सदनों में कुल बहुमत के 2/3 बहुमत से किसी संशोधन को पास करना होगा।
  • संविधान संशोधन पर संयुक्त बैठक नहीं बुलाई जाती।
  • राज्यसभा, लोकसभा को वित्त कानूनों के लिए सुझाव दे सकती है।
  • राज्यसभा के “केवल निर्वाचित सदस्य” राष्ट्रपति के चुनाव में भाग लेते है इसमें राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत सदस्य नहीं होते।
  • राज्यसभा के सदस्य उपराष्ट्रपति के चुनाव में योगदान देते है।
  • महाभियोग का प्रस्ताव राज्यसभा से भी प्रस्तावित हो सकता है।
  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 249 के अंतर्गत, राज्यसभा, राज्य की किसी भी सूची पर एक वर्ष के लिए कानून बनाने का अधिकार रखती है।
  • भारतीय संविधान के अनुच्छेद 312 में अंतर्गत, राज्यसभा All India Service शुरू कर सकती है।

राज्यसभा का कार्यकाल

राज्यसभा कभी भंग नहीं “हुआ करती”, लेकिन इसके सदस्य हर 2 वर्ष बाद रिटायर होते रहते है जिसके अनुसार कहे तो राज्यसभा का कार्यकाल 6 वर्षों तक का होता है।

निष्कर्ष

तो मित्रों आज के लेख में हमने राज्यसभा के कार्यों, शक्तियों, राज्यसभा के मेंबर कैसे बने, इसके अधिकार, कार्यकाल तथा संविधान में इसके उल्लेख के बारे में जाना। यदि आपको यह लेख पसंद आया तो कृपया इसे अपने मित्रों व सगे सम्बन्धियों तक जरूर शेयर करे।

धन्यवाद

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