हड्डियों का डॉक्टर कैसे बने, 2021 पूरी जानकारी बारहवीं के बाद कैसे सुरूवात करे

नमस्कार पाठकों,

आज के लेख में हम जीवन दायक करियर क्षेत्र के बारे में जानेंगे, जी हाँ, आज हम जानेंगे कि हड्डियों का डॉक्टर कैसे बने और उसमे भी हमारा फोकस इस लेख के लिए, ओर्थोपेडिक डॉक्टर यानी हड्डियों के डॉक्टर के बारे में होगा।

आज हम जानेंगे कि

हड्डियों का डॉक्टर कैसे बने?

हड्डियों के डॉक्टर के क्या क्या काम होते है?

ओर्थोपेडिक डॉक्टर के करियर में स्कोप कितना है

हड्डी के डॉक्टर का फ्यूचर क्या होता है

ओर्थोपेडिक डॉक्टर की सैलरी क्या होती है?

शुरू करने से पहले आपसे निवेदन है की यदि आपको हमारी जानकारी पसंद आये तो इस लेख को अपने मित्रों व अपने सगे सम्बन्धियों के साथ जरूर शेयर करें, तो चलिए शुरू करते है..

हड्डियों का डॉक्टर कैसे बने

ये भी पढ़ें :- Web Designer कैसे बने

ये भी पढ़ें :- निशानेबाज कैसे बने

ये भी पढ़ें :- फ्रीलांसर पत्रकारिता में करियर कैसे बनाये

ये भी पढ़ें :- Web Designer कैसे बने

हड्डियों का डॉक्टर कैसे बने?

हड्डियों के डॉक्टर की उपाधि, मेडिकल के क्षेत्र में सबसे बड़ी उपाधियों में से एक है, हड्डियों के डॉक्टर को ओर्थोपेडिक डॉक्टर या ओर्थोपेडिक सर्जन भी कहा जाता है।

एक ओर्थोपेडिक सर्जन, किसी भी व्यक्ति जिसका आकार, उसके अव्यवस्थित हड्डियों के वजह से बिगाड़ा हुआ है, को सही आकर देने और उसे ठीक करने का काम करता है, जिसे Musculoskeletal System के अंतर्गत रखा जाता है।

निचे दिए हुए बिन्दुओं से आप जान पाएंगे की हड्डियों का डॉक्टर बनने के लिए आपको क्या-क्या करना पड़ता है, निचे दिए हुए बिन्दुओं में आपको हड्डियों के डॉक्टर बनने की जानकारी एक व्यवस्थित ढंग से मिलेगी…

  • हड्डियों का डॉक्टर बनने के लिए आपको 10वीं के बाद 11वीं में PCB विषय लेना होगा।
  • उसके बाद 11वीं व 12वीं को आपको एक दम ध्यान लगाकर पढ़ना होगा।
  • 11वीं व 12वीं में हर सब्जेक्ट में कम से कम 50% अंक आने जरूरी है।
  • उसके बाद आपको नीट (नेशनल एलिजीबिलिटी कम एंट्रेंस एग्जाम) को अच्छी रैंक से पास करना होगा, जिसके बाद आपको एक अच्छी सरकारी कॉलेज मिल जाएगी जहा आप अपनी अंडर ग्रेजुएशन एम. बी. बी. एस. को कम्पलीट कर पाएंगे।
  • यदि आपके अंकों के वजह से सरकारी कॉलेज न मिल पाए तो आप प्राइवेट कॉलेज में भी दाखिला ले सकते है जहाँ आपको अधिक फीस देनी होगी।
  • NEET के आलावा AIIMS का एंट्रेंस एग्जाम देकर भी आप अपनी अंडर ग्रेजुएशन एम. बी. बी. एस. को कम्पलीट कर पाएंगे।
  • उसके बाद आपको 5 वर्ष का एम्. बी. बी. एस. कम्पलीट करके एम. एस. करना होगा जिसे Master in Surgery भी कहते है।
  • एम. एस. की डिग्री आपको ओर्थोपेडिक्स में करनी होगी जो तीन वर्ष की होगी।
  • उसके बाद में आप एक हड्डियों के डॉक्टर या हड्डियों के सर्जन कहलायेंगे।

यदि आपने किसी वजह से 12वीं PCB से करने के बाद अपने सीधा बी. एससी. (बायोलॉजी) करी है तो उसके बाद भी आप एक हड्डियों के डॉक्टर बन सकते है लेकिन उसके लिए आपको निम्नलिखित बिंदुओं को ध्यान में रखना होगा…

  • बी. एस. सी. करने के बाद आपको NEET या AIIMS के एंट्रेंस एग्जाम को पास करना पड़ेगा, यह सर्वविदित हो कि जब आप NEET या AIIMS के एंट्रेंस एग्जाम को पास कर रहे होंगे या एग्जाम दे रहे होंगे तब आपको 12वीं पास ही माना जायेगा।
  • एंट्रेंस एग्जाम पास करने के बाद आपको अपनी अंडर ग्रेजुएशन एम. बी. बी. एस. को कम्पलीट करना होगा और उसके बाद सारी प्रक्रिया वैसी ही होगी जैसे ऊपर वर्णित है।

एक हड्डियों के डॉक्टर के क्या काम होते है?

  • हड्डियों के डॉक्टर की तनख्वाह बहुत ही सुन्दर होती है इसी लिए इनके कामों की सूची भी काफी बड़ी है जैसे कि…
  •  एक ओर्थोपेडिक डॉक्टर/सर्जन को स्कोलियोसिस, डिस्लोकेशन और फ्रैक्चर, और टेंडन, मांसपेशियों और स्नायुबंधन को नुकसान जैसी स्थितियों को ठीक करने की विशेषज्ञता होनी चाहिए।
  • रोगी की जरूरतों और उपचार के लक्ष्यों को निर्धारित करने के लिए रोगियों के साथ परामर्श करना और रोगी के डेटा का विश्लेषण करना।
  • एक आर्थोपेडिक सर्जन के रूप में सफल होने के लिए, आपको मस्कुलोस्केलेटल सिस्टम की एक अच्छी खासी जानकारी होनी चाहिए।
  • हड्डियों और जोड़ों की मरम्मत, बचाव, या बदलने के लिए, नसों को फिर से जोड़ने के लिए विभिन्न सर्जिकल प्रक्रियाओं को करने में सक्षम होना चाहिए।
  • हड्डी, जोड़, लिगामेंट या अन्य मस्कुलोस्केलेटल समस्याओं के निदान के लिए रोगियों की जांच करना, जिसमें रोग, या चोटें शामिल हैं।
  • उपचार के पाठ्यक्रम को निर्धारित करने के लिए, जब आवश्यक हो, अन्य विशेषज्ञों के साथ सहयोग करना।
  • टिप्पणियों, परीक्षणों, निर्धारित उपचारों, और परीक्षण परिणामों सहित, रोगियों के साथ मुलाकातों के विस्तृत नोटों को बनाए रखते हुए रोगी देखभाल को रिकॉर्ड करना।
  • जब आवश्यक हो, सामान्य और स्थानीय एनेस्थेटिक्स का प्रशासन करना।
  • मस्कुलोस्केलेटल सिस्टम के विभिन्न हिस्सों पर सर्जिकल प्रक्रियाएं करना, जिसमें टूटी हुई हड्डियों को चढ़ाना, टेंडन और स्नायुबंधन को फिर से जोड़ना, या अन्य प्रक्रियाओं के बीच संयुक्त या कूल्हे का प्रतिस्थापन करना शामिल है।
  • सर्जरी के बाद, दर्द को कम करने व रिकवरी को बढ़ने के लिए अच्छी से अच्छी दवाइयों को निर्धारित करना
  • रोगियों को भौतिक चिकित्सा के लिए संदर्भित करना, जब आवश्यक हो, या गैर-आक्रामक प्रक्रियाएं जैसे कि कास्टिंग और स्प्लिंटिंग अंगों का प्रदर्शन करना।
  • रोगियों की चल रही प्रगति और स्वास्थ्य की निगरानी करना, और आवश्यकतानुसार उपचार योजनाओं को बदलना।
  • दीर्घकालिक देखभाल प्राप्त करने वाले रोगियों को सहायता और सलाह प्रदान करना।
  • मस्कुलोस्केलेटल सिस्टम को प्रभावित करने वाले दोषों, बीमारियों और विकारों पर शोध करना।
  • यह कुछ काम है जो एक ओर्थोपेडिक सर्जन के लिए बहुत जरूरी होते है।

भारत के टॉप 10 मेडिकल कॉलेज, Top 10 Medical Colleges in India

1) ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स), दिल्ली – All India Institutes of Medical Sciences (AIIMS)

2) क्रिश्चयन मेडिकल कॉलेज (सीएमसी), वेल्लोर – Christian Medical College, Vellore

4) जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (जेआईपीएमईआर)पुडुच्चेरी – Jawaharlal Institute of Postgraduate Medical Education and Research (JIPMER)

5) मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (एमएएमसी)दिल्ली – Maulana Azad Medical College (MAMC), Delhi

6) लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज, (एलएचएमसी) दिल्ली – Lady Hardinge Medical College, Delhi 

7) मद्रास मेडिकल कॉलेजचेन्नई – Madras Medical College 

8) ग्रांट मेडिकल कॉलेजमुंबई – Grant Medical College

9) कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज (केएमसी)मणिपाल – Kasturba Medical College, Manipal

10) श्री रामचंद्र मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च इंस्टीट्यूटचेन्नई – Sri Ramachandra Hospital

एक ओर्थोपेडिक सर्जन का स्कोप:-

  1. भारत में ओर्थोपेडिक डॉक्टरों की एक बड़े आंकड़ों में कमी है, इस लिए इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बहुत ही कम है इस लिए भारत और पूरे विश्व में ही ओर्थोपेडिक डॉक्टर्स की एक बहुत बड़ी मांग है और पूरित नहीं हुई है इस लिए पूरी दुनिया में ही एक ओर्थोपेडिक डॉक्टर का स्कोप बहुत ज्यादा है।
  1. आज के समय मे डॉक्टर को लेकर बहुत सारे करियर के रास्ते हैं जिनमे हम बहुत अच्छा करियर बना सकते हैं उनमे से एक हैं ओर्थोपेडिक सर्जन जो बहुत ही डिमांड मे भी चल रहा हैं, और भारत मे ही नहीं  विदेशो मे भी बहुत बढ़ गयी हैं।
  1. अगर आप अपनी कड़ी मेहनत के बाद ओर्थोपेडिक डॉक्टर बन जाते है तो आपका पास करियर के बहुत सारे विकल्प हो सकते हैं –

जैसे – आप सरकारी हॉस्पिटल मे ओर्थोपेडिक डॉक्टर बन सकते है या आप किसी प्राइवेट हॉस्पिटल मे भी ओर्थोपेडिक डॉक्टर बन जाता हैं और इसके अलावा आपका एक्सपीरियंस अच्छा होने पे आप खुद का क्लिनिक या हॉस्पिटल भी सुरु कर सकते हैं।

हड्डी के डॉक्टर का फ्यूचर:-

  1. हड्डी के डॉक्टर के फ्यूचर की बात करे तो ये आज तो एक अच्छा करियर का विकल्प है ही लेकिन जैसे जैसे जनसंख्या बढ़ रही है वैसे ही ओर्थोपेडिक डॉक्टर की डिमांड भी बहुत बढ़ रही हैं इससे हम समझ सकते है की आने वाले समय मे इसकी कितनी डिमांड होगी।
  1. हड्डी का डॉक्टर कोई ऐसा डॉक्टर नहीं होता है जो कही भी मिल जाए या कोई भी बन जाए इसके लिए एक्सपर्ट होना जरुरी होता हैं और एक्सपर्ट बनने के लिए MBBS करना जरुरी होता हैं। और MBBS करने के बाद आपका आज और आपका भविष्य दोनो उज्जवल हो जायेगा।
  1. हड्डी का डॉक्टर बनने के बाद आप अपने उज्जवल भविष्य की कामना कर सकते है और इसमें आपको काफी अच्छी इनकम मिलती हैं और ओर्थोपेडिक डॉक्टर की जॉब एक आदरणीय जॉब होती हैं जिसमे आपको इनकम और आदर दोनों मिलते हैं।

हड्डी के डॉक्टर की सैलरी क्या होती हैं?

  • भारत वर्ष के सन्दर्भ में बात करी जाये तो एक ओर्थोपेडिक डॉक्टर की सैलरी 15 लाख (सालाना) हो सकती है लेकिन अगर विदेशों की बात करी जाये तो $350,000- $650,000(सालाना) हो सकती है अर्थात विदेशों में एक ओर्थोपेडिक सर्जन की तनख्वाह लगभग 2.62 करोड़ से 4.87 करोड़ रुपये तक सालाना हो सकती है।
  • ये सैलरी सभी सेक्टर मे अलग अलग हो सकती हैं जैसे सरकारी क्षेत्र मे सैलरी अलग होती है और प्राइवेट क्षेत्र मे अलग होती हैं इसमें सैलरी के साथ साथ कुछ फायदे होते है जो सिर्फ सरकारी क्षेत्र मे मिलते हैं और कुछ फायदे सिर्फ प्राइवेट क्षेत्र मे दिये जाते हैं।

निष्कर्ष

इस लेख मे हमने आपको बताया की हड्डियों का डॉक्टर कैसे बने, किस किस प्रकार की कसौटियों से आपको हो कर गुजरना पड़ता है,आपके कार्य क्या क्या हो सकते है आपको कौन कौनसी पढाई करनी पड़ती है, हड्डी के डॉक्टर की सैलरी क्या होती है और स्कोप कितना होता है।

यदि आपको हमारा यह लेख पसंद आया तो कृपया अपने मित्रों व सगे सम्बन्धियों को जरूर शेयर करें ताकि यह जानकारी उन तक भी पहुंच पाए और किसी जरूरतमंद के काम आ पाए, अगर आप इससे सम्बंधित कुछ और जानना चाहते है या अपना कोई सुझाव देना चाहते है तो हमे कमेंट करके जरूर बताए हमे आपका रिप्लाई करने मे ख़ुशी होंगी।

धन्यवाद

इसे भी पढ़ें:- Doctor कैसे बने?

इसे भी पढ़ें:- Animator कैसे बने?

इसे भी पढ़ें:- पक्षी वैज्ञानिक में करियर कैसे बनाये

इसे भी पढ़ें:- निशानेबाजी में करियर कैसे बनाये

FAQS

प्रश्न- दसवीं के बाद Doctor कैसे बने?

उत्तर- दसवीं के बाद डॉक्टर बनने के लिए आपको बारहवीं मे PCB (भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, व जीव विज्ञान)लेना होगा और उसका बाद आप डॉक्टर का कोर्स कर सकते हैं.

प्रश्न- बिना डिग्री के Doctor कैसे बने?

उत्तर- बिना डिग्री के डॉक्टर बनने के लिए आपको किसी अच्छे डॉक्टर के अंडर काम करके प्रक्टिकली काम सीखना होगा लेकिन ऐसे आप किसी हॉस्पिटल मे जॉब नहीं कर सकते हैं क्युकी किसी हॉस्पिटल मे डॉक्टर बनने के लिए डिग्री का होना बहुत जरुरी होता हैं.

प्रश्न- जूनियर डॉक्टर कैसे बने?

उत्तर- जूनियर डॉक्टर बनने के लिए बहुत से कोर्स उपलब्ध हैं जिन्हे करके आपको हॉस्पिटल मे जूनियर डॉक्टर के रूप मे जॉब मिल जाती हैं.

प्रश्न- नई शिक्षा नीति में डॉक्टर कैसे बने?

उत्तर- नई शिक्षा नीति में डॉक्टर बनना बहुत आसान हो गया हैं इसमें मेहनत तो लगती हैं लेकिन कम समय मे आप डॉक्टर बन जाता हैं.

प्रश्न- प्राइवेट Doctor कैसे बने?

उत्तर- प्राइवेट डॉक्टर बनने के लिए भी आपको PCS (भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, व जीव विज्ञान) के साथ बारहवीं पास करनी होगी और उसके बाद ही आप डॉक्टर का कोर्स कर सकते हैं और अपना हिसाब से चुनाव कर सकते है की आपको प्राइवेट सेक्टर मे करियर बनाना हैं या गवर्नमेंट सेक्टर मे जॉब करनी हैं.

प्रश्न- ग्रामीण Doctor कैसे बने?

उत्तर- ग्रामीण डॉक्टर बनने के लिए भी आपको PCB (भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, व जीव विज्ञान) के साथ बारहवीं पास करनी होगी और उसके बाद ही आप डॉक्टर का कोर्स कर सकते हैं और अपना हिसाब से चुनाव कर सकते है की आपको ग्रामीण डॉक्टर बनना हैं किसी हॉस्पिटल मे जॉब करनी हैं.

प्रश्न- ट्वेल्थ के बाद Doctor कैसे बने?

उत्तर- ट्वेल्थ के बाद आपको नीट NEET (National Eligibility cum Entrance Test) के लिए तैयारी करनी होगी। उसके बाद आपको NEET की परीक्षा पास करनी होती है

प्रश्न- आर्ट सब्जेक्ट से Doctor कैसे बने?

उत्तर- आर्ट सब्जेक्ट से आप MBBS या कोई एक्सपर्ट डॉक्टर नहीं बन सकते हैं लेकिन आर्ट सब्जेक्ट से आप कुछ डॉक्टर से सम्बंधित कोर्स कर सकते हैं जिससे आप किसी हॉस्पिटल मे डॉक्टर के अंतर्गत काम कर सकते हैं.

1 thought on “हड्डियों का डॉक्टर कैसे बने, 2021 पूरी जानकारी बारहवीं के बाद कैसे सुरूवात करे”

  1. Pingback: Accountant कैसे बने ? शुरुवात कैसे करे.Golden Rules of accounting

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *