Corn Flour क्या होता है? what is corn flour in hindi?

नमस्कार पाठको, आज के लेख में हम मक्के के आटे के बारे में विस्तृत रूप में जानेंगे। जैसे कि Corn Flour क्या होता है? सबसे ज्यादा कहा पाया जाता है? कहा सबसे ज्यादा खाया जाता है? मक्के के आटे की विशेषता क्या है? उगाया कब जाता है? काटा कब जाता है? मक्के का आटा कौन कौन से पोषक तत्वों से परिपूर्ण है? किस किस प्रकार के स्वादिष्ट भोजन मक्के के आटे से बनाये जाते है? इसके आयुर्वेद में योगदान व अलग अलग जगह पर यह किन किन नामों से प्रचलित है?इन सभी तथ्यों के बारे मे इस आर्टिकल मे पढ़ने के बाद आपके सभी सवालो के जवाब मिल जाएंगे

मक्के का आटा (Corn Flour)

गेहूं के बाद में मक्का, सम्पूर्ण भारत की दूसरी सबसे जरूरी फसल है जिसके अपने आप में कई फायदे है, मक्के के आटे पर आने से पहले मक्के पर एक भुरभुरी सी नजर डाल लेते है।

मक्का, अन्य फसलों की तुलना में, जल्दी पक “सकने” वाली और अधिक से अधिक पैदावार देने वाली एक फसल है। कई तरीके की खूबियों से पूरी मक्का/मकई का आटा इंसानों और जानवरों दोनों का एक महत्वपूर्ण आहार है।

Corn Flour क्या होता है

उगाई कब होती हैं?

भारत में मक्के की काफी तरीके की किस्म पाई जाती है, जिनमें जवाहर मक्का-8, विवेक-(4, 17,  43, 42), प्रताप हाइब्रिड मक्का-1, अमर, आजाद कमल, पंत संकुल मक्का-3, चन्द्रमणी, एचएम-10गंगा-11, त्रिसुलता, सरताज, कुछ उदाहरण हो सकते है।

मक्के की उगाई साल में तीन बार, तीन ऋतुओं में करी जाती है,

  • खरीफ(जून-जुलाई)
  • रबी(अक्टूबर-नवम्बर)
  • जायद(फरवरी-मार्च)

मानसून के समय उनकी बुआई करना सबसे अच्छा समय है बुआई के एक माह पश्चात मिट्टी चढ़ाने का कार्य करना चाहिए।

मक्के की कटाई कब करे?

मक्के की फसल की कटाई करते समय आपको कुछ बातों को ध्यान में रखना चाहिए

  • मक्के की पत्तियां सूख कर पीली होने लगती है।
  • मक्के के छिलके को हटाकर देखे की दाने सूखे है या नहीं? अच्छे से दाने सूख जाए और उनमे केवल 25% नमी बचे, तब ही कटाई करनी चाहिए।
  • इस बात का ध्यान रखें कि कटाई के समय भुट्टो के दानों में नमी की मात्रा कम से कम 25% हों।

किस तरीके से कटाई करे?

  • पहले उन भुट्टों की कटाई करे जो पाहे हुए नजर आ रहे है
  • पौधों की कटाई उनके बाद करी जाती है।
  • एक बार भुट्टों की कटाई हो जाये तो उन्हें बाद में धूप में सुखाना चाहिए।
  • इनका भण्डारण केवल तभी करे जब भुट्टो के दानों में नमी की मात्रा लगभग 12% रह जाये।

मक्के में पोषक तत्व

भारत में जलवाई की विविधता के वजह से यहाँ पर पूरे विश्व से ज्यादा मक्के की फसलों के किस्मों का उत्पादन होता है, कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, और विटामिन से भरपूर मक्का शरीर के लिए एक अतिउत्तम उर्जा का माध्यम है, आसानी से पच जाता है जो सोचने और समझने की क्षमता को भी बढ़ता है।

इसके साथ ही मक्का फास्फोरस , मैग्नीशियम, मैगनीज, जिंक, कॉपर, आयरन, का एक सबसे बेहतरीन माध्यम है।

मकई के आटे से बनने वाली डिश –

मक्का पूरे भारत में सबसे ज्यादा, बिहार, राजस्थान, आंध्रप्रदेश, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, व महाराष्ट्र में खाया जाता है तो इन सभी राज्यों में बनने वाली में बनने वाली डिश के बारे में हम जानेंगे।

इन सभी राज्यों में और देश विदेश में बनने वाली मक्के की डिश इस प्रकार है,

मक्के के आटे के पकोड़े, मकई के आटे की बथुआ, मक्के के आटे की ढोकला, मक्के के आटे की रोटी, आलू मेथी और मक्के के आटे की पूरी, मक्के के आटे के बडे, मक्के के आटे और मूंग डाल के पकोड़े, मक्के के आटे का खराया, मक्के के आटे की पूरी, मक्के व गेहूं के आटे की रोटी, मक्के के आटे की मठरी, मक्के के आटे के पराठे, मक्के के आटे की कुकीज, मक्के के आटे की कचोरी; मक्के के आटे व बेसन की बर्फी, मक्के के आटे के नमक पारे, मक्के के आटे के चीला, मक्के के आटे की पूरी, मक्के के आटे की डाल बाटी, मक्के के आटे की खींचू, मक्के के आटे की लिट्टी चोक्खा,मक्के के आटे की गट्टे की सब्जी, मक्के के आटे की नमकीन पूरी, मक्के के आटे के खाखरे, मक्के के आटे के पापड इत्यादि।

आयुर्वेद के क्षेत्र में मक्के का योगदान-

  • वर्षा ऋतु के समय सभी लोग भुट्टे/मक्का का आनंद लेते है, लेकिन कितने लोगों को पता है कि आयुर्वेद के क्षेत्र में मक्के का योगदान अतुलनीय है?
  • मक्का बहुत ही ज्यादा पोष्टिक होता है, भुट्टे को जब खोला जाता है तो उनमे कुछ बल्नुमा रेशे पाए जाते है, उन रेशो का उपयोग दर्द कम करने और मूत्र बढाने में काम आते है, और सूजाक, गोंनोरिया, सूजन,  व पठारी को दूर करने के लिए इन रेशों का काढ़ा बनाकर पिलाया जाता है।
  • मक्का अपनी रकृति में ठंडा, खाने की इच्छा बढ़ने वाला व इउर्जा बढ़ने वाला और ताक्त्कर बनाने वाला पोष्टिक आहार है, इससे पित्त कम होता है और पित्त स्राव बढ़ता है।
  • कच्चा मक्का पुष्टिकारक होता है, दिल की पेशियों को उत्तेजित करने के काम आता है, मूत्र सम्बन्धी बीमारियों में दावा के रूप में यह काम आटा है, पाचन की अभिक्रिया को सुलभ और पाचन तंत्र को सुव्यवस्थित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • किसी भी प्रकार का सामान्यतया पेट दर्द, सरदर्द, या हड्डियों में भी दर्द होने पर मक्के के बीज (दानों) को उबालकर उसका पानी, काढ़े के रूप में पिलाया जाता है। 
  • अगर मौसम बदलने से भयंकर खांसी आ रही होती है तो उस समय मक्के का सेवन किया जाता है जो अपने आप में ही एक चमत्कारिक उपाय है खांसी रोकने के लिए।
  • डिप्थीरिया में भुट्टे का सेवन करने से राहत मिलती है।
  • पाइल्स या बवासीर को ख़त्म करने के लिए भी कच्चा मक्का खाया जाता है या मक्के के दानो को उबालकर उसका काढ़ा पिया जाता है।
  • लीवर को स्वस्थ करने के लिए भुट्टा रामबाण उपाय है, साथ ही सेंका हुआ भुट्टा खाने से मूत्राशय में हुई सूजन को कम किया जा सकता है।
  • आजकल के दूषित खाने के वजह से अक्सर पाया जाता है की लोगों को पथरी की शिकायत होती है है, ऐसे सन्दर्भ में भुट्टे की भस्म को काम में लिया जाता है जिससे पथरी को पूरी तरीके से ही समाप्त किया जा सकता है।

अलग अलग भाषाओं में भुट्टे के नाम

हमारे देश में और अन्य देशों में भी भुट्टे/मक्के को अलग अलग नामों से पहचाना जाता है , आज हम जानेंगे की कहां-कहां, किस जगह पर, मक्के को किन-किन नामों से जाना जाता है।

मक्के का वानस्पतिक नाम जेया मेज, सिन जेया करगुआ मोलिना है।

संस्कृत भाषा में मक्के को महाकाय, मकाय, कटिज, कांडज, शिखालु, संपुटांतस्थ इन सब नामों से जाना जाता है,

हिंदी में मक्का, मकई , भुट्टा कहते है,

उत्तराखंड में मुंगरी या भुट्टा कहा जाता है,

ओडिया में बूटा या मक्का कहा जाता है

उर्दू में मक्का या जावरी कहा जाता है,

कोंकणी में मेओ कहा जाता है,

कन्नड़ में मुश्नाकोजोला, या मेक्काजोल,

गुजरती में मक्करी या मकई,

तेलेगु में मक्का या जोन्नालू

तमिल में मक्का या चोलम,

बंगाली में जनर या भूटिया

नेपाली में मकैड

पंजाबी में मक्की

मलयालम में चोलम

मराठी में बूटी या मक्का

मनुपुरी में चुजाक

अरबी में खालवन

पर्शियन में बाजरी कहा जाता है।

निष्कर्ष

तो आज हमने जाना कि, Corn Flour क्या होता है? what is corn flour in hindi? मक्का क्या होता है, मक्के का उत्पादन क्षेत्र, इनसे बनने वाले स्वादिष्ट भोजन, अलग अलग भाषाओं में मक्के का नाम क्या क्या है। हमने जाना की आयुर्वेद के सन्दर्भ में मक्के को किस भांति उपयोग में लिया जा सकता है। यदि आपको हमारा लिख पसंद आया हों तो कृपया इसे अपने मित्रों व सगे संबंधियों को जरूर शेयर करें।

धन्यवाद…

FAQS

प्रश्न. क्या नवरात्रि के व्रत में कॉर्न फ्लोर खा सकते है?

उत्तर. नहीं खा सकते क्युकी ये अन्न होता है और व्रत के दौरान अन्न खाना वर्जित होता हैं.

प्रश्न. मलाई कोफ्ता बनाने के लिए कॉर्नफ्लोर डालते है या मैदा?

उत्तर. मलाई कोफ्ता बनाने के लिए कॉर्नफ्लोर या मैदा दोनों का इस्तेमाल कर सकते हैं जरुरत के हिसाब से.

प्रश्न. कॉर्न फ्लोर के नुकसान?

उत्तर. कॉर्नफ्लोर का सेवन अधिक मात्रा मे करने से पाचनशक्ति कम हो जाती हैं.

प्रश्न. Corn flour ko hindi mein kya kahate hain?

उत्तर. कॉर्नफ्लोर को हिंदी मे मक्का कहता हैं.

प्रश्न. Corn flour kise kahate hain?

उत्तर. कॉर्नफ्लोर मक्का के आटे को कहता हैं.

प्रश्न. what is corn flour in hindi?

उत्तर. गेहूं के बाद में मक्का, सम्पूर्ण भारत की दूसरी सबसे जरूरी फसल है जिसके अपने आप में कई फायदे है.

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