Delhi me sharab ke distributor kaise bane

नमस्कार पाठकों, आजकल के वातावरण में जहाँ सरकार नशामुक्ति के केंद्र खोल रही है, वहीं सरकार शराब के धंधे को बढ़ावा भी दे रही है क्योंकि इसमें फायदा बहुत है, इसी लिए बहुत से लोग ऐसे भी होते है जो इस पेचीदगी से भरे धंधे में जाना चाहते है। यह किसी भी तरह से नयी बात नहीं है, और अक्सर एक कहावत कही जाती है की “पेड़ अपने फल स्वयं नहीं खाता” इसी प्रकार शराब बेचने वाला भी शराब पिए, यह जरूरी नहीं लेकिन शराब बेचने के धंधे में बहुत ज्यादा फायदा है और इस धंधे में लोग केवल महीने में ही करोड़ों कमा लेते है।

इतनी चकाचौंध भरी कमी के वजह से बहुत से लोग इस धंधे को करना चाहते है तथा समझना चाहते है तो आज के लेख में हम आपको यह बताएँगे की आप कानूनी तौर पर Delhi me sharab ke distributor kaise bane, शराब बेचने के लायक कैसे बन सकते है।

*नोट :- यहाँ हम किसी भी तरीके से शराब पिने को बढ़ावा नहीं देते, यह केवल ज्ञानवर्धक आर्टिकल है वह भी उन लोगों के लिए जो शराब बेचने को अपना करियर बनाना चाहते है

यदि आपको हमारे द्वारा प्रदत्त जानकारी पसंद आये तो कृपया इसे उन लोगों तक जरूर शेयर करे जिन्हें हो सकता है इनकी जरूरत हो, तो चलिए शुरू करते है-

Delhi me sharab ke distributor kaise bane

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दिल्ली में शराब डिस्ट्रीब्यूटर कैसे बने

भारत में शराब डिस्ट्रीब्यूटर बनने के लिए आपको एक लाइसेंस चाहिए जिससे आप सरकार की निगरानी में रहकर शराब बेच सकते है। भारत में कोई भी आदमी बिना लाइसेंस के शराब नहीं बेच सकता और यदि कोई ऐसा करता है तो यह एक कानूनी अपराध है और इसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान है।

शराब बेचने का लाइसेंस कैसे हासिल करे

पूरे भारत में ही शराब की बिक्री व उससे जुड़े हुए क़ानून अलग अलग जगहों पर अलग अलग है। और वैसे भी शराब की बिक्री और इसकी खपत से सम्बंधित कानून बनाने की शक्ति राज्यों के पास में है, क्योंकि भारतीय संविधान की सूची नंबर 7 में, राज्यों के अधिकारों के अंतर्गत शराब के विषय का जिक्र किया गया है।

लेकिन दिल्ली एक केन्द्रशासित प्रदेश है जिसके पास खुद की विधान सभा है तो यह अधिकार delhi में delhi की विधानसभा को है कि वह शराब से सम्बंधित कैसे कानून बनाये। फिलहाल के ही दिनों में अपने वह खबर सुनी होगी जिसमे मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने दिल्ली के लोगों के लिए शराब के होम डिलीवरी का वादा किया था।

दिल्ली के लिए आबकारी (एक्साइज) विभाग शराब प्रमुख का प्रबंधन करता है। हर राज्य में शराब पिने की उम्र भी तय करी गयी है दिल्ली एक्साइज अधिनियम 2010 की धरा 23 के अंतर्गत delhi में  शराब पिने की न्यूनतम उम्र 25 वर्ष है।

भारत में शराब के प्रकार

भारत के बाजारों में दो तरह की शराब मिलती है-

  • भारतीय निर्मित विदेशी शराब
  • आयातित विदेशी शराब

भारत में शराब सम्बंधित क़ानून

भरात के संविधान के अनुच्छेद 47 में कहा गया है कि यह राज्य का कर्त्तव्य है की राज्य मादक पदार्थों तथा पेयों का औषधि के रूप में उपयोग को छोड़कर बाकी हर उद्देश्यों पर प्रतिबन्ध लगा सकती है।

इसी लिए आपको बता दे की भारत के 5 राज्यों में पूर्ण रूप से शराब को बेन कर दिया गया है।

भारत में शराब के लाइसेंस

 दिल्ली शराब लाइसेंस अधिनियम 1976 में राज्य में शराब बांटने वाले लोगों के लिए लाइसेंस के बारे में जानकारी दी गयी है। इसके आलावा यह अधिनियमअपने शराब के उपभोक्ताओं को अच्छे दर्जे की शराब की आपूर्ति भी सुनिश्चित करता है।शराब के विभिन्न प्रकारों को बेचने के लिए भी विभिन्न प्रकार के लाइसेंस उपलब्ध है। तथा कुछ शराब ब्रांड ऐसे है जिन्हें अलग ही प्रकार के विशेष ट्रेडिंग लाइसेंस की जरूरत है जैसे कि-

भारत में बनी विदेशी शराब (आईएमएफएल)

  • दारु देसी
  • विकृत और विशेष विकृत स्पिरिट
  • संशोधित स्पिरिट
  • भारतीय निर्मित विदेशी शराब के लिए थोक लाइसेंसधारी

लाइसेंस प्रदान करना

इस फील्ड में लाइसेंस विभिन्न प्रकार के होते हैं। उनमें से कुछ के लिए आवंटन नियम नीचे दिए गए हैं:-

एल-लाइसेंस का आवंटन

एल-1 लाइसेंस कंपनियों को थोक बिक्री के लिए है; समाजिक पार्टनरशिप फर्म या प्रोपराइटरशिप फर्म इस शर्त के अधीन हैं कि आवेदक डिस्टिलरी / ब्रेवरीज / मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स / बॉटलिंग प्लांट्स का मालिक है तथा इससे सम्बंधित कारोबार उसके अंतर्गत होता है। इसके अलावा, उसे संबंधित अधिकारियों द्वारा निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन करना होगा।

एल-लाइसेंस का आवंटन

एल-6 लाइसेंस विदेशी लाइसेंस का आवंटन शराब/बीयर की खुदरा बिक्री के लिए है। इस लाइसेंस को जारी करने के लिए दिल्ली सरकार के उपक्रमों, जैसे कि डीटीटीडीसी, डीएसआईडीसी, डीएससीएससी और डीसीसीडब्ल्यूएस को चयन करना है की आपको कैसा लाइसेंस मिलेगा।

एल-लाइसेंस का आवंटन

एल-9 लाइसेंस विदेशी शराब के विभिन्न ब्रांडों और भारतीय शराब की खुदरा बिक्री के लिए है। इस लाइसेंस को पहले एल -52 डी के रूप में भी जाना जाता था। इस लाइसेंस को प्राप्त करने के लिए, और आवेदक को संबंधित अधिकारियों द्वारा निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा।

एल-10 लाइसेंस का आवंटन

एल-10 लाइसेंस भारतीय शराब और विदेशी शराब के विभिन्न ब्रांडों की खुदरा बिक्री के लिए है। हालाँकि, L-9 लाइसेंस के नियम और शर्तें L-10 लाइसेंस पर लागू नहीं होती हैं।

पी-10 और पी-13 का आवंटन

ये लाइसेंस पार्टियों, समारोहों और सम्मेलनों में शराब परोसने के लिए अस्थायी लाइसेंस हैं। इन लाइसेंसों के लिए निर्धारित नियम और शर्तें निवासियों, होटलों, क्लबों, रेस्तरां और अन्य परिसरों के लिए अलग-अलग हैं।

एल-15 और एल-16 का आवंटन

ये लाइसेंस उन होटलों को स्टार करने के लिए हैं जिन्हें पर्यटन विभाग ने पर्यटकों को ठहराने के लिए मंजूरी दी है। होटल प्रबंधन को अधिकारियों द्वारा निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन करना होगा।

एल-17 और एल-18 का आवंटन

ये लाइसेंस उन स्टार होटलों के लिए हैं जिन्हें पर्यटन विभाग ने मंजूरी दी है। ये प्रतिष्ठान व्यावसायिक क्षेत्र में पार्किंग के लिए पर्याप्त स्थान के साथ स्थित होने चाहिए।

एल-28 का आवंटन

एल-28 लाइसेंस उन क्लबों के लिए है जो अपने क्लब के सदस्यों को विदेशी शराब की सेवाएं प्रदान करने के लिए फर्मों के रजिस्ट्रार / सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार के पास पंजीकृत हैं। निर्दिष्ट नियमों और शर्तों से सहमत सभी क्लब इस लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं।

एल-29 का आवंटन

एल-29 लाइसेंस क्लब या मेस के लिए है जो विशेष रूप से सरकारी कर्मचारियों के लिए शराब या बियर प्रदान करता है; जो वाणिज्यिक दरों और नियमों के अधीन नहीं हैं। एल-29 लाइसेंस के लिए आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज एल-29 लाइसेंस के समान हैं।

आवेदन की प्रक्रिया

दिल्ली सरकार ने अपने नागरिकों को लाइसेंस जारी करने के लिए एक ऑनलाइन शराब लाइसेंस कार्यक्रम शुरू किया है।

चरण 1: दिल्ली एक्साइज डिपार्टमेंट की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉग ऑन करें

शुरू करने के लिए, आवेदक को आधिकारिक पोर्टल पर जाना होगा।

चरण 2: पोर्टल पर लॉग ऑन करें

लाइसेंसधारी को उपयोगकर्ता नाम और पासवर्ड दर्ज करना होगा। पहली बार इसका उपयोग करने वाले आवेदकों को विवरण दर्ज करने के लिए ‘रजिस्टर’ विकल्प पर क्लिक करना होगा।

चरण 3: आवेदन पत्र पर क्लिक करें

लाइसेंसधारी को आवेदन पत्र का चयन करना होगा और सभी आवश्यक विवरण दर्ज करना होगा।

चरण 4: फॉर्म जमा करें

विवरण दर्ज करने के बाद, लाइसेंसधारी ‘सबमिट’ विकल्प दर्ज करके फॉर्म जमा कर सकते है।

चरण 5: लाइसेंस जारी करना

जिस प्रकार के लाइसेंस का अनुरोध आया था उसके आधार पर अधिकारी जांच करेंगे और सत्यापन होने से आपको लाइसेंस प्रदान कर दिया जायेगा।

तो इन सब तरीकों से आप यदि चाहे तो एक शराब के डिस्ट्रीब्यूटर बन सकते है।`

निष्कर्ष:

तो आज के लेख में हमने जाना की Delhi me sharab ke distributor kaise bane। अगर आपका इस लेख से सम्बंधित कोई भी सवाल हो या कोई सुझाव देना चाहते है तो हमे कमेंट करके जरूर बताये हमे आपके सवाल का जवाब देना मे ख़ुशी होंगी यदि आपको हमारा लेख पसंद आया तो इसे अपने मित्रों व सम्बन्धियों तक जरूर शेयर करे।

धन्यवाद

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