Happy Hypoxia क्या है? Happy Hypoxia के लक्षण, Covid-19 Symptoms, Treatment in Hindi

अभी हमारा देश कोरोना की पहली लहर से ठीक से नहीं उभरा है और दूसरी लहर आ चुकी है जिसे Covid-19 कोरोना का बहुत ही घातक लक्षण बताया जा रहा है डॉक्टरों के द्वारा जिसे हैप्पी हाइपोक्सिया कहा जा रहा है, हैप्पी हाइपोक्सिया कोरोना का एक ऐसा लक्षण बताया जा रहा है जिसमे कोरोना का कोई भी लक्षण नहीं दिखाई देता है जैसे :- सांस फूलना, बदन दर्द, सर दर्द या थकान महसूस होना ! लेकिन ये इतना घातक है की आपको २४ घंटे में सीरियस कर सकता है और ICU भी भेज सकता हैं. ये शरीर मे Silent Killer की तरह काम करता है. इस आर्टिकल में हमने “Happy Hypoxia kya hai” इसके बारे में बहुत सारे तथ्य बताये है.

Happy Hypoxia kya hai

Happy Hypoxia kya hai :-

Happy hypoxia कोरोना का एक नया लक्षण है। इसमें संक्रमति मरीज को बुखार, खांसी, सांस फूलने की समस्या नहीं होती है, लेकिन अचानक ऑक्सिजन लेवल गिरने से मरीज की जान खतरे में पड़ सकती है। हाइपोक्सिया किडनी, दिमाग, दिल और अन्य प्रमुख अंग काम को प्रभावित करता है।

क्यों होता है Happy Hypoxia :-

Happy Hypoxia तब होता है जब फेफड़ों के ऑक्सीजन लेने और इसे नसों के जरिए शरीर के अन्य अंगों में भेजने की क्षमता कम होने लगती है.

यह तब भी हो सकता है जब कुछ ब्लॉकेज की वजह से रक्त वाहिकाएं शरीर में पूरी तरह से खून नहीं पहुंचा पाती हैं.

कैसे करें Happy Hypoxia की पहचान :-

ऐसी स्थिति में ऑक्सीजन सेचुरेशन पर निगरानी रखने से मदद मिल सकती है. डॉक्टर Covid-19 मरीजों को ऑक्सीमीटर के जरिए नियमित रूप से अपना ऑक्सीजन लेवल चेक करने की सलाह दे रहे हैं.

अगर ये 90% से कम जाता है तो तुरंत ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है. ऑक्सीजन ना मिलने पर इसका असर बाकी अंगों पर तेजी से पड़ना शुरू हो जाता है.

क्या करें जब Happy Hypoxia हो जाये :-

अगर आपका ऑक्सीजन सेचुरेशन 94% से कम हो रहा है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. होम आइसोलेशन में रहे मरीजों को तुरंत राहत के लिए डॉक्टर प्रोनिंग करने की सलाह दे सकते हैं.

ऑक्सीजन लेवल 90% से कम होने पर मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत पड़ती है और मरीज को तुरंत अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी जाती है.

Happy Hypoxia के लक्षण :-

Happy Hypoxia कोरोना का एक नया लक्षण है. सर्दी बुखार खांसी से शुरू होकर यह इन्फेक्शन गंभीर निमोनिया और सांस लेने की समस्या तक पहुंच जाता है.

इसमें डायरिया गंध-स्वाद का न होना खून में थक्के जमने जैसे कई नए लक्षण देखे हैं. कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करने के बाद भी इन्फेक्शन से छुटकारा नहीं मिल रहा है.

नए लक्षण हैप्पी hypoxia ने विशेषज्ञों को चकित किया है क्योंकि भारत में दूसरी लहर में इन्फेक्टेड ज्यादातर युवाओं को इसका ही सामना करना पड़ा है.

Hypoxia का मतलब है खून में ऑक्सीजन के स्तर का बहुत कम हो जाना. स्वस्थ व्यक्ति के खून में ऑक्सीजन सेचुरेशन 95% या इससे ज्यादा होता है पर कोरोना मरीजों में ऑक्सीजन सेचुरेशन घटकर 50% तक पहुंच रहा है.

ये इतना घातक है कि hypoxia की वजह से किडनी  दिमाग दिल और अन्य प्रमुख अंग काम करना बंद कर सकते हैं. कोरोना मरीजों में शुरुआती स्तर पर कोई लक्षण नहीं दिखता.

अचानक ऑक्सीजन स्तर क्यों कम होता है :-

फेफड़ों में खून की नसों में थक्के जम जाते हैं. इसे ही हैप्पी हाइपोक्सिया का प्रमुख कारण माना जाता है. इन्फेक्शन होने पर शरीर में सूजन बढ़ती है.

इससे सेलुलर प्रोटीन रिएक्शन तेज हो जाती है. तब खून के थक्के बनने लगते हैं. इससे फेफड़ों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सप्लाई नहीं होती और खून में ऑक्सीजन सेचुरेशन कम होने लगता है. जिससे मरीज़ की तकलीफें बढ़ जाती है.

युवाओं में ही ज्यादा Problem क्यों :-

युवाओं में ही ज़्यादा लक्षण नज़र आने की दो वजहें हैं. पहला युवाओं की इम्युनिटी मजबूत होती है. दूसरा उनकी ऊर्जा भी अन्य लोगों के मुकाबले ज्यादा होती है. उनकी सहनशक्ति अन्य लोगों से ज्यादा होती है.

अगर उम्र ज्यादा है तो ऑक्सीजन सेचुरेशन का 94% से 90% होना भी महसूस होता है. इसके उलट युवाओं को 80% ऑक्सीजन सेचुरेशन पर भी लक्षण महसूस नहीं होते है.

वे कुछ हद तक Happy Hypoxia को सहन कर जाते हैं. ज्यादातर युवाओं में माइल्ड लक्षण होते हैं इसलिए अस्पतालों में उन्हें भर्ती करने में देरी हो रही है, इससे उनमें मौतों का आंकड़ा भी बढ़ा है.

आर्थिक तौर पर Active होने की वजह से इस समय युवा वायरस से ज्यादा इन्फेक्टेड हो रहे हैं. इससे युवाओं में इन्फेक्शन गंभीर लक्षणों में बदल रहा है. हालांकि अब भी सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों और कम इम्युनिटी वाले लोगों को ही है. बीमारी के अलग-अलग स्तर के लक्षणों के बारे में अलर्ट होना बेहद जरूरी है.

बचाव :-

कोरोना काल में सावधानी ही बचाव है , हमेशा मास्क का इस्तेमाल करे और समय समय पर हैंड sanitizer से अपने हाथ Sanitize करते रहे!

Conclusion:-

इस आर्टिकल की मदद से हमने आपको Happy Hypoxia के बारे में बताया है की “Happy Hypoxia kya hai” और इसके लक्षण क्या होते हैं और क्या करें जब Happy Hypoxia हो जाये, अगर आप इसका बारे में कुछ प्रतिक्रिया देना चाहते है तो हमे कमेंट करके जरूर बताए हम जल्द ही आपका रिप्लाई करेंगे

धन्यवाद

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